Why Workers Jumped from Afriland Tower – Fresh Details Emerge on Fire Incident

अफ्रिलैंड टावर में आग लगने से कामगारों ने क्यों लगाई छलांग? – आग की घटना पर नई जानकारी सामने आई

लैगोस, 21 सितंबर 2025: पिछले हफ्ते लैगोस आइलैंड के ब्रॉड स्ट्रीट पर अफ्रिलैंड टावर में लगी आग ने सबको हिला दिया था। सात मंजिला इस इमारत में काम करने वाले कई लोग फंस गए थे, और कुछ ने तो जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदकर अपनी जान जोखिम में डाल ली। अब अफ्रिलैंड प्रॉपर्टीज ने इस हादसे पर विस्तृत जानकारी दी है, जिसमें बताया गया कि आग कैसे लगी और मौतों का असली कारण क्या था।

घटना 16 सितंबर, मंगलवार को दोपहर करीब 2 बजे की है। कंपनी के मुताबिक, आग इमारत के बेसमेंट में इन्वर्टर रूम से शुरू हुई। वहां बैटरी चार्ज हो रही थीं, और शायद किसी शॉर्ट सर्किट से यह भयानक आग भड़क उठी। धुंआ इतनी तेजी से फैला कि ऊपरी मंजिलों पर काम कर रहे लोग घबरा गए। अफ्रिलैंड ने कहा, “आग बेसमेंट तक ही सीमित रही, लेकिन काला धुआं पूरे भवन में फैल गया, यहां तक कि इमरजेंसी सीढ़ियों को भी ब्लॉक कर दिया।” इसी वजह से कुछ कामगारों को लगा कि रास्ता बंद है, तो उन्होंने तीसरी और चौथी मंजिल की खिड़कियों से कूदना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग डर के मारे कैसे नीचे कूद रहे थे। कुछ ने चादरें या तकिए बिछाकर मदद की कोशिश की, तो कुछ ने सीढ़ियां लगाकर लोगों को बचाया। लेकिन अफसोस, इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई। इनमें फेडरल इनलैंड रेवेन्यू सर्विस (FIRS) के चार कर्मचारी थे – जॉर्ज फेथ एकेलिखोस्तसे, डेविड संडे-जाट्टो, एनकेम ओन्येमेलुकवे और पीटर इफारनमाये। यूनाइटेड कैपिटल प्लसी (UCP) के छह लोग भी शिकार हुए: जेसुटोनी शोडिपो (21), ओपेयेमी ओलोयेडे (28), केहिंडे अडेयो (36), ओलुमाइड ओयेफोडुनरिन (26), नदीदी ओसाएमेडाइके-ओकेके (41) और रेबेका एडेनुगा (28)।

नई डिटेल्स के मुताबिक, मौतें आग से नहीं, बल्कि धुएं की वजह से सांस न ले पाने से हुईं। लैगोस स्टेट गवर्नमेंट के कमिश्नर ग्बेंगा ओमोटोशो ने बताया कि धुआं इतना घना था कि लोग दिशा भटक गए। कंपनी ने जोर देकर कहा कि इमारत में दो इमरजेंसी सीढ़ियां, ग्राउंड फ्लोर पर कई एग्जिट पॉइंट्स, स्मोक एक्सट्रैक्टर्स, फायर रील्स और एक्सटिंग्विशर्स सब मौजूद थे। फायर ड्रिल्स भी नियमित होते हैं, और सेफ्टी सर्टिफिकेशन हर साल अपडेट होता है। फिर भी, धुएं की रफ्तार ने सब बेकार कर दिया।

लैगोस पुलिस और फेडरल फायर सर्विस ने जांच शुरू कर दी है। वे देख रहे हैं कि सेफ्टी सिस्टम कितना कामयाब रहा और क्या मेंटेनेंस में कोई चूक हुई। प्रेसिडेंट बोला तिनुबू ने भी शोक जताया और प्रभावित परिवारों को सहारा देने का वादा किया। UBA ने भी सफाई दी कि उनका हेडक्वार्टर सुरक्षित था, बस शुरुआती कन्फ्यूजन से स्टेटमेंट गलत आ गया।

यह हादसा हमें सोचने पर मजबूर करता है कि शहरों में हाई-राइज बिल्डिंग्स की सेफ्टी कितनी अहम है। लैगोस जैसे व्यस्त इलाके में फायरफाइटर्स को जल्दी पहुंचना मुश्किल होता है, ट्रैफिक और दूरियां सब बाधा बन जाती हैं। क्या आपको लगता है कि ऐसी इमारतों में और सख्त नियम होने चाहिए? या फायर सर्विस को और मजबूत करना जरूरी है? अपनी राय कमेंट्स में शेयर करें। हम सबको सतर्क रहना होगा, ताकि ऐसा दोबारा न हो।

WhatsApp and Telegram Button Code
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Leave a Reply