What about Indian Law? | Why Hasn’t Saroj Sargam Been Arrested Despite 6 FIRs?

6 FIRs के बावजूद सरोज सरगम क्यों नहीं गिरफ्तार? मिर्जापुर पुलिस की कार्रवाई पर सवालों का सिलसिला

मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश, 21 सितंबर 2025: सोशल मीडिया पर एक नाम छाया हुआ है – सरोज सरगम। ये लोक गायिका, जो खुद को अंबेडकरवादी बताती हैं, हिंदू देवी-देवताओं पर अश्लील और अपमानजनक गाने गाकर सुर्खियों में हैं। मां दुर्गा को ‘रंडी’ जैसे शब्दों से नवाजने वाले उनके वीडियो वायरल हैं, और अब तक 6 FIRs हो चुकी हैं। लेकिन सवाल ये है कि इतनी शिकायतों के बाद भी सरोज क्यों आजाद घूम रही हैं? मिर्जापुर पुलिस ने ताजा FIR तो दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी कब? ये बहस अब राजनीति से लेकर धार्मिक भावनाओं तक पहुंच गई है।

सरोज सरगम का सफर कुछ ऐसा है। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बहुजन मुक्ति पार्टी से चहनबे सीट पर लड़ीं, लेकिन हार गईं। उसके बाद उनका यूट्यूब चैनल ‘सरोज सरगम मिर्जापुर’ पर धारावाहिक हमले शुरू हो गए। ब्राह्मणों पर तंज कसने से लेकर भगवान शिव और मां दुर्गा पर फूहड़ गाने – सब कुछ। एक वीडियो में तो साफ कहती हैं, “दुर्गा रंडी है, पूजा मत करो।” ये क्लिप अप्रैल से वायरल है, और हिंदू संगठनों ने तीखा विरोध किया।

18 सितंबर को मड़िहां थाने में ताजा FIR दर्ज हुई। IPC की धारा 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और IT एक्ट के तहत केस। इससे पहले 5 और FIRs – ज्यादातर मिर्जापुर और प्रयागराज में, इसी तरह की अश्लीलता के लिए। एक FIR में तो ब्राह्मण समुदाय पर निशाना साधने का आरोप। लेकिन गिरफ्तारी? अभी तक खामोशी। सोशल मीडिया पर #ArrestSarojSargam ट्रेंड कर रहा है। लोग टैग कर रहे हैं – @Uppolice, @myogiadityanath, @dgpup। एक यूजर ने लिखा, “FIR तो बस कागज हैं, एक्शन कब?”

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच चल रही है। मड़िहां SHO ने बताया, “वीडियो वेरिफाई हो रहे हैं, सबूत इकट्ठा कर रहे। अगर जरूरी हुआ तो समन भेजेंगे।” लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 295A के तहत अपराध संज्ञेय है, लेकिन जमानती भी। यानी तुरंत गिरफ्तारी जरूरी नहीं। अगर आरोपी फरार न हो, तो जांच पहले पूरी कर ली जाती है। सरोज लोकल हैं, मिर्जापुर के दरगांज में रहती हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस धीरे चाल चल रही। लेकिन आलोचक कहते हैं, “बार-बार अपराध करने वाली को बख्शा जा रहा? क्या जातिगत दबाव है?”

सरोज की सफाई? अभी तक चुप्पी। उनके चैनल पर 61 हजार सब्सक्राइबर्स हैं, वीडियो अभी भी ऑनलाइन। हिंदू संगठन कहते हैं, ये नफरत फैला रही हैं। विपक्ष तो इसे ‘फ्री स्पीच’ बता सकता है, लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि धार्मिक अपमान सीमा लांघ चुका। मिर्जापुर जैसे संवेदनशील इलाके में ये तनाव बढ़ा सकता है।

ये मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है – कानून कितना सख्त? क्या ऑनलाइन हेट स्पीच पर तुरंत एक्शन हो? पुलिस अगर जल्दी न चली, तो सड़क पर उतरने वाले तैयार। सरोज का अगला कदम क्या? गिरफ्तारी या और वीडियो? वक्त बताएगा। आप क्या कहते हैं? क्या ये दुरुपयोग है या न्याय की देरी? कमेंट्स में बताएं।

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