उत्तराखंड की धामी सरकार ने ईद के मौके पर एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत हरिद्वार जिले के 10 गांवों के नाम बदल दिए गए हैं। इस कदम को लेकर सरकार ने यह बयान दिया है कि यह फैसला सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन नामों के बदलाव को लेकर स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
गांवों के नामों में बदलाव:
धामी सरकार ने हरिद्वार के 10 गांवों के नामों को इस प्रकार बदलने का निर्णय लिया है, ताकि ये नाम ऐतिहासिक संदर्भों और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप हों। सरकार का कहना है कि ये कदम राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और उसमें सुधार करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ईद पर एक खास तोफ़ा:
उत्तराखंड सरकार के इस फैसले को ईद के अवसर पर एक तौफ़े के रूप में देखा जा रहा है। इस समय राज्य में ईद का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, और ऐसे में इस निर्णय को धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द को बढ़ावा देने के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ:
जबकि कुछ स्थानीय लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ इस फैसले को लेकर चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि नामों के बदलाव से कुछ असहमति हो सकती है, लेकिन यह भी माना जा रहा है कि यह कदम अंततः राज्य की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री का बयान:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सम्मानित करना है। यह नाम परिवर्तन राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को निखारने का एक कदम है और हमें गर्व है कि हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं।”
समाप्ति:
उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय हरिद्वार के गांवों के नामों को बदलने के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय के प्रभाव और इसके लंबी अवधि में क्या परिणाम होंगे, इसे लेकर समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इसे राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तराखंड की धामी सरकार ने दिया को ईद का तौफ़ा
— ocean jain (@ocjain4) March 31, 2025
हरिद्वार में 10 गांवों के बदले गए नामpic.twitter.com/zjsKMeyY0W