काडुना में सैन्य कारखाने में धमाका: दो की मौत, चार घायल
काडुना, नाइजीरिया, 21 सितंबर 2025: कल्पना कीजिए, एक सैन्य कारखाने में काम चल रहा हो, और अचानक एक जोरदार धमाका हो जाए। आसपास के इलाके कांप उठें, लोग भागें, और धुंए का गुबार छा जाए। यही हुआ काडुना के काकुरी इंडस्ट्रियल एरिया में, जहां डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ऑफ नाइजीरिया (DICON) के कारखाने में शनिवार सुबह करीब 10 बजे धमाका हो गया। इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई – एक सैन्य अधिकारी और एक सिविलियन स्टाफ – जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ये खबर सुनकर काडुना के लोग सदमे में हैं, और सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी जगहों पर सेफ्टी कितनी मजबूत है?
घटना DICON के ऑर्डनेंस फैक्टरी डिस्पोजल पिट में हुई। कंपनी की ओर से जारी स्टेटमेंट के मुताबिक, धमाका एक्सपायर्ड अमोनियम नाइट्रेट, प्राइमर कैप्स, प्रोपेलेंट्स और अन्य कंपोनेंट्स को नष्ट करने के दौरान हुआ। ये सामग्री पुराने बंकरों में स्टोर थी, जो पहले हथियार बनाने में इस्तेमाल होती थीं। एक आईविटनेस ने बताया, “धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतें हिल गईं। हमने सोचा शायद बम फटा है, लेकिन बाद में पता चला कि गनपाउडर प्रोडक्शन से जुड़ा है।” धमाके की आवाज काडुना साउथ और चीकुन लोकल गवर्नमेंट एरिया के कई हिस्सों में गूंजी।
घायलों को तुरंत पास के सेंट जेरार्ड कैथोलिक हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर देखकर सैन्य एंबुलेंस ने उन्हें काडुना के 44 नाइजीरियन आर्मी रेफरेंस हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया। मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखा गया है। DICON की जनसंपर्क अधिकारी मारिया सम्बो ने कहा, “हमारे स्टाफ और आसपास के इलाके की सेफ्टी हमारी प्राथमिकता है। एक बोर्ड ऑफ इंक्वायरी गठित कर कारणों की जांच हो रही है।” लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक वजह बताई नहीं गई।
DICON, जो 1964 में स्थापित हुई, नाइजीरिया की मुख्य हथियार बनाने वाली कंपनी है। ये नाइजीरियन आर्म्ड फोर्सेस के लिए हथियार और गोला-बारूद बनाती है। लेकिन ये हादसा सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर सवाल खड़े कर रहा है। कारखाना काडुना शहर के घनी आबादी वाले इलाके में है, जहां हजारों लोग रहते हैं। लोकल रेसिडेंट्स कह रहे हैं, “ऐसी फैसिलिटी यहां क्यों? एक छोटी चूक से पूरा इलाका तबाह हो सकता है।” पहले भी DICON में ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन इस बार नुकसान ज्यादा हुआ।
सैन्य और सिविलियन अधिकारियों ने इलाके को सील कर दिया है। जांच जारी है, और कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि बाकी काम सामान्य चलेगा। लेकिन परिवारों का दर्द कम नहीं हो रहा। एक घायल के रिश्तेदार ने कहा, “वो वीकेंड शिफ्ट पर थे, सोचा कुछ नहीं होगा। अब क्या होगा?” ये हादसा न सिर्फ DICON बल्कि पूरे डिफेंस सेक्टर को झकझोर रहा है। क्या पुरानी सामग्री को हैंडल करने के लिए नए प्रोटोकॉल्स की जरूरत है? या लोकेशन चेंज होनी चाहिए?
ये घटना हमें याद दिलाती है कि इंडस्ट्री में सेफ्टी पर कितना ध्यान देना पड़ता है। आप क्या सोचते हैं? क्या काडुना जैसे शहरों में सैन्य फैसिलिटीज को रिलोकेट करना चाहिए? या स्ट्रिक्ट सेफ्टी चेक्स से काम चलेगा? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें।
