इस्लामाबाद, पाकिस्तान – 8 मई, 2025
अब्दुल रऊफ असगर, जिसे मुfti अब्दुल रऊफ असगर के नाम से भी जाना जाता है, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक प्रमुख कमांडर और डिप्टी चीफ है। वह JeM के संस्थापक मसूद अजहर का छोटा भाई है और भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की कोशिशों के बावजूद, वह पाकिस्तान के बहावलपुर में खुले तौर पर सक्रिय है, जिसे JeM का गढ़ माना जाता है। उनकी गतिविधियों ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा किया है।
आतंकी गतिविधियों का इतिहास
रऊफ असगर का आतंकवाद से जुड़ा इतिहास लंबा और खौफनाक है। वह 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण में शामिल था, जिसका मकसद मसूद अजहर सहित 36 जिहादियों को भारतीय जेलों से रिहा कराना था। इस अपहरण की योजना रऊफ ने बनाई थी, और यह सात दिनों तक चला, जिसके बाद भारत को तीन आतंकियों को रिहा करना पड़ा। इसके अलावा, वह 2001 में भारतीय संसद पर हमले और 2016 में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले का भी मुख्य साजिशकर्ता रहा। इन हमलों ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
2019 में, रऊफ को पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, और 2020 में नगरोटा मुठभेड़ में मारे गए चार JeM आतंकियों को भी वह संचालित कर रहा था। हाल ही में, 2025 में पहलगाम हमले से पहले, रऊफ ने हमास कमांडर खालिद कयौमी के साथ बहावलपुर में JeM मुख्यालय में मुलाकात की थी, जो भारत के खिलाफ एक बड़े हमले की साजिश का हिस्सा थी।
पाकिस्तान में खुली गतिविधियाँ
पाकिस्तान ने 2002 में JeM पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन रऊफ और मसूद अजहर जैसे आतंकवादी खुले तौर पर बहावलपुर में सक्रिय हैं। 2017 में, रऊफ ने एक मस्जिद में सैकड़ों समर्थकों को संबोधित करते हुए पठानकोट से बड़ा हमला करने की धमकी दी थी, जिसमें उसने खुले तौर पर JeM की तारीफ की और भारत विरोधी नारे लगवाए। 2019 में, पाकिस्तान ने दबाव में रऊफ सहित 44 आतंकियों को हिरासत में लिया, लेकिन सबूतों के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया गया।
रऊफ का JeM का तीन एकड़ का मुख्यालय, मारकज सुभानल्लाह,
पाकिस्तान का आतंकवादी अब्दुल रऊफ असगर: एक खतरनाक नाम (जारी)
इस्लामाबाद, पाकिस्तान – 8 मई, 2025
पाकिस्तान में खुली गतिविधियाँ (जारी)
600 से अधिक कैडरों को प्रशिक्षण देने वाला एक आलीशान परिसर है। यहाँ आतंकियों को हथियार, विस्फोटक और आत्मघाती हमलों की ट्रेनिंग दी जाती है। रऊफ को 2010 में अमेरिका ने आतंकवादी घोषित किया, और भारत ने कई बार संयुक्त राष्ट्र में उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की मांग की, लेकिन चीन ने हर बार प्रस्ताव को रोक दिया।
हालिया घटनाएँ और भारत की कार्रवाई
मई 2025 में, भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें बहावलपुर का JeM ठिकाना भी शामिल था। माना जा रहा है कि इस हमले में रऊफ असगर मारा गया, जैसा कि X पर @Manish_IndiaTV ने दावा किया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। हमले में मसूद अजहर के 10 परिवारजनों की मौत की भी खबर है।
वैश्विक नजरिया
रऊफ को इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, और वह भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है। उसकी गतिविधियाँ न केवल भारत, बल्कि अफगानिस्तान और अन्य देशों के लिए भी खतरा हैं, क्योंकि वह तालिबान, अल-कायदा और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करता है। पाकिस्तान की आईएसआई पर उसका समर्थन करने का आरोप है, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देता है।
अब्दुल रऊफ असगर का आतंकी इतिहास और उसकी खुली गतिविधियाँ पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती हैं। भारत की हालिया कार्रवाइयों ने इस खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाया है, लेकिन क्षेत्र में शांति के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है।
स्रोत: Hindustan Times, India Today, NDTV, The Indian Express, Wikipedia, X पोस्ट (@Manish_IndiaTV, @ANI)